एक नवजवान ने सुकरात जी से पूछा की गुरु जी सफलता का क्या रहस्य है .
सुकरात ने उस नवजवान लडके से कहा की कल सुबह तुम मुझे नदी के किनारे पर मिलना . वो दोनों नदी के किनारे पर मिलते है . और सुकरात जी उनको कहते है की चलो तुम मेरे साथ नदी के अंदर चलो . दोनों नदी में चले जाते है और चलते - चलते पानी गर्दन तक पहुच जाता है . और सुकरात जी उस नोजवान युवक की और देखते है












