
एक बार एक ब्राह्मण था। वो बहुत ज्ञानी भी था। उसको सभी शास्त्र कंठस्थ याद थे। लेकिन वो सत्य की खोज करना चाहता था। और वो ये भी जानता था की ये सब बिना गुरु के नही हो सकता। वो एक महात्मा के पास जाता है। और कहता है की मैं आप का शिष्य बनाना चाहता हूँ। लेकिन महात्मा उसको कहते है की तुम्हारे अंदर जितना ज्ञान है। तुम सारा लिख कर ले आओ। ताकि मैं तुम्हे वही सीखो जो तुम्हे नही आता।








